वो 10 सबूत जो साबित करते है की भगवान श्री राम थे

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वो १० सबूत जो साबित करते है की भगवान श्री राम थे
वो १० सबूत जो साबित करते है की भगवान श्री राम थे


राम ही तो करुणा में है , शान्ति में राम है 
राम ही है एकता में , प्रगति में राम है 
राम बस भक्तों नहीं शत्रु के भी चिंतन में है 
देख तज के पाप रावण , राम तेरे मन में है 
राम तेरे मन में है , राम मेरे मन में है 
राम तो घर घर में है , राम हर आँगन में है 
मन से रावण जो निकाले , राम उसके मन में है ….

क्या आप भगवान को मानते है, अगर हाँ तो ये आर्टिकल आपको और पास ले जायेगा आपकी आस्था के| ये माना जाता है की भारतीय सभ्यता और संस्कृति सबसे प्राचीन है, चलिए जानते है क्या हम सच में इतने प्राचीन है |और वो 10 सबूत जो साबित करते है की भगवान श्री राम थे

ये माना जाता है की साइंस जो कुछ भी खोज रही है, वो सब पहले से ही इस ब्रह्माण्ड में मौजूद है,यानि की डिस्कवर कर रही है, तो क्या ये एक ऐसी पहेली है जिसे हमे इसलिए दिए गया है की एक दिन हम जान ही जाएंगे की क्या है नीले गगन के पार |

जब हम रामायण और महाभारत काल की बात करते है, तो ये मानते है की वो अलग युग की कथा है, मगर उसके सबूत आज भी हमारे आस पास मौजूद पाए जा रहे है,

अनुवांशिक शोध बता रहे है की रामायण काल में पायी गयी जाति आज भी मौजूद है, और ये उनके अनुवांशिक हस्ताक्षर बता रहे है, ये जातियाँ है गोंड कोल और भील, जिसमे की गोंड जाति के लोग आज भी तेलंगाना के साथ ही भारत के अन्य प्रदेशो में पाए जाते है,खोज में पाया गया है की भारतीय सभय्ता  और इसके  पूर्वज 60000 से भी अधिक साल पुराने है, ये इस बात का सबूत है की रामायण कल जो की 12000 साल पुराना है, वो सत्य है |

गोंड, कोल और भील ये सभी जातियाँ रामायण में वर्णित है और इनके प्रामाणिक होने का और रामायण काल से जुड़ा होने का वैज्ञानिक सबूत भी अब सामने है, जो की दर्शा रहा है की हमारी सभ्यता पुरानी होकर भी नवीन है,

तस्वीरों के जरिये हम आपको रामायण काल के और समीप लिए चलते है –

हनुमान चिन्ह के पद चिन्ह

हनुमान जी के पद चिन्ह

ये जो आपको पद चिन्ह दिख रहे है ये है हनुमान जी के, और ये तब बने जब राम जी के साथ वो सीता जी को ढूंढ़ते हुए आये और मिले जटायु से और उन्हें मृत्यु के समीप देख कर कहा ‘ले पक्षी’ जिसका की अर्थ होता है उदय पक्षी, और ये एक तेलुगु शब्द है |

तैरता पत्थर

दूसरी फोटो है पत्थर की जो पानी में तैर रहा है, और ये पत्थर राम सेतु निर्माण में लाया गया था, जिस कारण यह तैर सकता है |

मध्य प्रदेश का वो स्थान

तीसरी तस्वीर उस स्थान की है जहाँ पर रावण सीता का हरण कर के ले जाते समय मिले जटायु से और सीता जी को बचने में अपने प्राण दे दिए, यह स्थान आंध्र प्रदेश में है |

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नेपाल का जानकी मंदिर

चौथी तस्वीर है जनकपुर, नेपाल की और ये है जानकी मंदिर, जानकी जैसा की हम जानते है सीता जी का नाम था, जो की जनक की बेटी थी |

रावण के दस सर

पांचवी तस्वीर में रावण दिख रहा है जिसके की दस सर दिखाए गए है, जो की उसके दस राज्यों के राजा होने को दिखा रहे है |

नासिक के पास पंचवटी

छठी तस्वीर है निर्वासन की जिस पर राम, सीता, और लक्ष्मण गए थे और एक झोपडी बनाई थी पंचवटी में, जो की एक स्थान है नासिक के पास, इसके पास है ‘तपोवन’ जहाँ पर लक्ष्मण सूर्पनखा मिले थे |

जब हनुमान की एक भूल बनी श्रीराम की मृत्यु का कारण

उसानगोडा की मिट्टी का काला होना

सातवी तस्वीर है उस स्थान की जहाँ की मिट्टी आज भी काली पायी जाती है, जिसका की कारण है हनुमान जी द्वारा लंका को जलाया जाना, और यह स्थान है उसानगोडा जहाँ से रावण का विमान उड़ता था |

अशोक वाटिका की झील में उनके पदचिन्ह

आठवीं तस्वीर है हनुमान जी के अशोक वाटिका में पहुंचने की, जहाँ पर वो विशालकाय रूप में पहुंचे थे, और ये उनके पद चिन्ह है जो झील में पाए गए है |

सुग्रीव की गुफा

नवी तस्वीर है सुग्रीव की गुफा की जो की अभी भी अपनी मौजूदगी दर्ज़ करा रही है |

अशोक वाटिका

दसवीं तस्वीर है उस वाटिका की जहाँ पर रावण सीता जी को लेकर आया था, जो की अब एक पर्यटन स्थल है |

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