जल सरंक्षण और संकट

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जल वाला कल
जल वाला कल

जल सरंक्षण और संकट(Water conservation and crisis): इंसान को जीवन में हवा के बाद जो चीज़ सबसे ज्यादा चाहिए वो पानी है | जब उस पानी की ही कमी होना शुरू हो जाये, उसके लिए जान जाने की नौबत आ जाये, तो क्या लगता है आपको हम किस दिशा में जा रहे है ? सबसे बढ़ कर हम अपने आने वाले कल को क्या बनाने जा रहे है, क्या वो एक सूखा कल नहीं होगा, जिसमे सब एक दूसरे की प्यास को कभी न खत्म होने वाले मुकाम पर लेकर जा रहे है, अपने बच्चो के भविष्य के विषय में भी सोचे |

कहाँ गए हमारे कुए और तालाब Water Conservation

पहले पानी कुओं और तालाबों में मिलता था, फिर हैंडपंप में मिलना शुरू हुआ और अब बोतलों में मिलने लगा है, आप में से बहुत से लोग कुओं और तालाबों से पानी पीते आये होंगे, मगर आज वो भी बोत्तल में पीने को मजबूर है |

भारत में पानी निकालने की प्रक्रिया (Watering process in India)

पानी पहले कुएं से लिया जाता था और सिचाई के लिए कुंए में मोटर लटका कर सिचाई की जाती थी, फिर बोरिंग का चलन बढ़ा और ज़मीन से निकाल कर पानी का उपयोग शुरू हुआ |
पानी के ज़हरीले होने की वजह आर्सेनिक का हिमालय से बहकर आना और नदी की तलहटी पर मौजूद होना बताया गया है, सैकड़ो वर्षो बाद जब पानी ने रास्ता बदला तो छोड़ी हुयी जगह पर गांव बस गए, पानी की जरुरत पूरी करने के लिए कुंए खोदे गए | जरुरत बढ़ी तो हैंडपंप आये फिर बोरिंग कर के ज़मीन के जल का दोहन शुरू हुआ जिसने पानी को ज़हरीला बना दिया |
समस्या तब और बढ़ जाती है, जब हम ये भूल जाते है की जल सीमित है, और इसका इस्तेमाल ही नहीं इसकी बचत और इसे वापस ज़मीन में पहुँचाना भी आवश्यक है |

तालाबों का ख़तम हो जाना (Pond Erosion)

तालाबों को हमने ही खत्म कर दिया है, जरा सोच के देखिये अपने आस पास या दूर ही सही कहाँ
पर तालाब देखा होगा शायद देखा ही नहीं होगा |
अपने पर्यावरण को हम ऐसे हाल में ले आये है, की पानी के स्त्रोत ही नहीं बचे है तो फिर पानी के बचने की तो सम्भावना ही नहीं रह जाती है, ध्यान आज देना शुरू करेंगे तो कल बचा पाएंगे |
और हम अपना कल सूखा प्यास से व्याकुल नहीं चाहेंगे बल्कि हरा भरा और पानी से लहलहाता हुआ चाहेंगे प्रयास शुरू करे अपने कल और अपने जल को बचाने का आज से अभी से |

हम अगर पानी को सिर्फ नल खोल कर आने वाली एक जरुरत की चीज़ मानेंगे, तो कभी ये नहीं जान पाएंगे की वो कितने सारे पड़ाव पार कर के हमारे पास पहुंच रहा है, और वो भी आज कल के दौर में बड़ी बात है क्यूंकि बहुत से जिले गर्मी शुरू होते ही पानी के घनघोर संकट से जूझना शुरू कर चुके होंगे, इस तरफ ध्यान देना शुरू करे |

जल संरक्षण के तरीके (Methods of water conservation)

पानी बचा नहीं सकते तो उसे बर्बाद भी न करे यही बहुत बड़ा सहयोग होगा बस अब शुरू हो जाये और संचय पर ध्यान देना शुरू कर दे |

  1. नहाने के लिए बाल्टी का इस्तेमाल करे |
  2. हाथ धोते समय नल बंद कर दे जब इस्तेमाल न कर रहे हो पानी का |
  3. गाड़ी ऐसी जगह से धुलवाए जो पानी को रीसायकल करता हो बजाय की खुद घर पर धोने के
  4. शावर का उपयोग कम कर के भी आप पानी बचा सकते है
  5. ‘वर्षा जल संचयन’ यह एक ऐसा उपाय है जो बारिश के पानी को बचाता है और उसे वापस धरती में पंहुचा देता है जिससे की ग्राउंड वाटर लेवल सही बना रहता है, यह सिस्टम आप अपने नए या पुराने घर में लगा सकते है और इस पर सरकारी सहायता भी प्राप्त कर सकते है |

Water Conservation: यह सब तो वो उपाए है जो आप कर ही सकते है साथ ही एक सर्वकालिक उपाय भी है जिस पर हमारा ध्यान जा नहीं रहा पर बहुत जरुरी है, वो है ये कुछ ऐसे प्रयास है जिनका की मूल्य तुरंत नहीं मिलेगा मगर लम्बे समय में ये ऐसी बचत के रूप में सामने आएँगे, की आपको लगेगा की आपने सच में कुछ अपने भविष्य निधि में संचित कर लिया है न सिर्फ अपने लिए बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी, इसलिए शायद कहा भी गया है ‘बूँद बूँद से सागर बनता है’ ,आपको अपने हिस्से की बूंदे बचा के भविष्य निधि में जमा करते जानी है, इसी उम्मीद के साथ की आप इस महत्व वाले विषय पर अपना ध्यान जरूर देंगे |

कैसे एक गांव बना सूखे से हरा-भरा

Ultima Thule(अल्टिमा थूल) पर पानी की खोज

यह सभी बातें हमे जल सरंक्षण और संकट का सही मूल्यांकन करने की दिशा में बढ़ने को कह रही है, इस विषय में प्रयास सभी तरफ से किये जाने जरुरी है आप अपने हिस्से का प्रयास करना न भूले क्यूंकि “जल है तो कल है”
Heyuno आपसे गुज़ारिश करता है की कही भी पानी की बर्बादी होते देखे तो उसका समाधान ढूढ़ने में लग जाये और हमे भी बताये जिससे की हम भी उचित सहयोग कर सके |

साथ ही हमे बताये की कैसा लगा आपको आर्टिकल “जल सरंक्षण और संकट” Water Conservation कमेंट बॉक्स में

2 COMMENTS

  1. Thank you So much for this valuable information. People are only busy in politics but on the other side, environment souces are go so unwell. God Know What will happen…

  2. Thank you so much ankit sir for this kind of Articles on website.We need to think that where are we going in the subject to our earth….and we need to aware people with this…Again Thankyou So Much

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